धमतरी। जिले के लिए इन दिनों नक्सल विरोधी अभियान के इतिहास में मील का पत्थर साबित हुआ। शासन द्वारा प्रतिबंधित माओवादी संगठन उड़ीसा राज्य कमेटी के अंतर्गत धमतरी–गरियाबंद–नुआपाड़ा डिवीजन की नगरी एरिया कमेटी, सीतानदी एरिया कमेटी, मैनपुर एलजीएस एवं गोबरा एलओएस से जुड़े कुल 09 हार्डकोर नक्सलियों ने अपने धारित हथियारों के साथ धमतरी एसपी कार्यालय में आत्मसमर्पण किया।

आत्मसमर्पण की यह कार्रवाई आईजी रायपुर अमरेश मिश्रा के निर्देशन एवं एसपी धमतरी सूरज सिंह परिहार के नेतृत्व में संपन्न हुई। आत्मसमर्पित नक्सलियों पर कुल 47 लाख रुपए का इनाम घोषित था। इस दौरान इंसास, एसएलआर, कार्बाइन, भरमार सहित 5 स्वचालित हथियार, मैगजीन, राउंड एवं अन्य सामग्री भी जमा कराई गई

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, धमतरी पुलिस, डीआरजी, राज्य बल एवं केंद्रीय बलों द्वारा चलाए जा रहे लगातार नक्सल विरोधी अभियानों, अंदरूनी इलाकों में सिविक एक्शन कार्यक्रम, खेल प्रतियोगिताओं, पोस्टर-पाम्पलेट और आत्मसमर्पित नक्सलियों के माध्यम से दिए गए संदेशों का यह प्रत्यक्ष परिणाम है।

जंगलों में अमानवीय जीवन, माओवादी विचारधारा की खोखलापन, लगातार बढ़ता दबाव और शासन की आत्मसमर्पण-पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर इन नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ने का निर्णय लिया

एसपी सूरज सिंह परिहार ने बताया कि जिले में सक्रिय शेष माओवादी कैडरों से भी शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाकर समाज की मुख्यधारा में लौटने की निरंतर अपील की जा रही है। आने वाले समय में और भी बड़े आत्मसमर्पण की संभावना है।

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Hasina
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