सर्दियों के आते ही ज्यादातर लोग गुनगुने पानी से नहाना पसंद करते हैं, लेकिन कुछ लोग सालभर ठंडे पानी से नहाने की आदत नहीं छोड़ते। उनका मानना है कि इससे शरीर ज्यादा एक्टिव रहता है। हालांकि, यह आदत हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं होती। खासकर हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज से जूझ रहे लोगों के लिए सर्दियों में नहाने का तरीका सेहत पर सीधा असर डाल सकता है।

एक्सपर्ट की राय क्या कहती है?
लेडी हार्डिंग हॉस्पिटल के डॉक्टर एल.एच. घोटेकर के अनुसार, हाई बीपी और डायबिटीज के मरीजों के लिए सर्दियों में ठंडे पानी से नहाना आमतौर पर सुरक्षित नहीं माना जाता। ठंडा पानी शरीर के संपर्क में आते ही ब्लड सर्कुलेशन में अचानक बदलाव कर देता है। इससे शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जो इन बीमारियों में खतरा बढ़ा सकता है।

क्यों बढ़ जाता है खतरा?
ठंडे पानी से नहाने पर कुछ मरीजों को चक्कर आना, घबराहट, बेचैनी या असहजता महसूस हो सकती है। जिन लोगों का ब्लड प्रेशर या ब्लड शुगर पहले से कंट्रोल में नहीं रहता, उनमें यह जोखिम और ज्यादा हो सकता है। अचानक तापमान परिवर्तन से हार्ट और नर्वस सिस्टम पर भी असर पड़ सकता है।

गुनगुना पानी क्यों है बेहतर विकल्प?
डॉक्टरों का कहना है कि सर्दियों में हाई बीपी और डायबिटीज के मरीजों को गुनगुने पानी से नहाना चाहिए। इससे शरीर धीरे-धीरे तापमान के अनुसार ढलता है और नहाते समय किसी भी तरह की परेशानी का खतरा कम हो जाता है।

नहाते समय किन बातों का रखें ध्यान?

  • बहुत ठंडे या बहुत गर्म पानी से न नहाएं
  • खाली पेट या कमजोरी की हालत में स्नान न करें
  • बाथरूम का तापमान बहुत कम हो तो पहले शरीर को एडजस्ट होने दें
  • नहाते समय चक्कर, घबराहट या सांस की दिक्कत हो तो तुरंत स्नान रोक दें

    इन बातों का भी रखें ख्याल
    हाई बीपी और डायबिटीज के मरीजों को रोजाना ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल की जांच करनी चाहिए। संतुलित डाइट लें, पर्याप्त पानी पिएं और दवाइयों को नियमित रूप से लेते रहें। किसी भी असामान्य लक्षण पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

Author Profile

Hasina
Exit mobile version