रायपुर। CM साय ने ननो की गिरफ्तारी पर बड़ा बयान दिया है, उन्होंने कहा, नारायणपुर की तीन बेटियों को नर्सिंग की ट्रेनिग दिलाने और उसके पश्चात जॉब दिलाने का वादा किया गया था। नारायणपुर के एक व्यक्ति के द्वारा उन्हें दुर्ग स्टेशन पर दो ननो को सुपुर्द किया गया, जिनके द्वारा उन बेटियों को आगरा ले जाया जा रहा था।

इसमें प्रलोभन के माध्यम से ह्यूमन ट्रैफिकिंग करके मतांतरण किए जाने की कोशिश की जा रही थी। यह महिलाओं की सुरक्षा से सबंधित गंभीर मामला है। इस मामले में अभी जांच जारी है। प्रकरण न्यायालीन है और कानून अपने हिसाब से काम करेगा। छत्तीसगढ़ एक शांतिप्रिय प्रदेश है जहाँ सभी धर्म-समुदाय के लोग सद्भाव से रहते हैं। हमारी बस्तर की बेटियों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दे को राजनीतिक रूप देना बेहद दुर्भाग्यजनक है।

राहुल गांधी ने किया कार्रवाई का विरोध

बता दें कि केरल की दो नन को छत्तीसगढ़ पुलिस ने दुर्ग में उस वक्त गिरफ्तार कर लिया, जब वे स्टेशन से आगरा के फातिमा अस्पताल जा रही थीं। उनके साथ तीन महिलाएं हैं और बजरंग दल का आरोप है कि धर्मांतरण के लिए दबाव बनाया गया है। जबकि केरल सरकार ने स्पष्ट कहा है कि गिरफ्तारी गलत है। तीनों महिलाएं व्यस्क हैं और नया काम शुरू करने के लिए उनके साथ आगरा जा रही थीं। केरल के सीएम के हस्तक्षेप के बाद अब दिल्ली से छत्तीसगढ़ तक हड़कंप मच गया है। कांग्रेस ने इसे मुद्दा बना लिया है और मामला सियासी रंग लेने लगा है।

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