रायपुर। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम चिरायु जरूरतमंद और कमजोर आय वर्ग के बच्चों के लिए वरदान बनकर सामने आया है। इस योजना के तहत जन्मजात और गंभीर बीमारियों से ग्रसित बच्चों को निःशुल्क उपचार की सुविधा दी जा रही है, जिससे न केवल बच्चों को नया जीवन मिल रहा है, बल्कि उनके परिवारों में भी खुशियों की वापसी हुई है।

स्वास्थ्य विभाग कोण्डागांव से प्राप्त जानकारी के अनुसार, चिरायु योजना के अंतर्गत कोंडागांव जिले के कुम्हारपारा निवासी पांच माह के रोनित कोर्राम और तहसीलपारा की चार माह की बच्ची का 15 जुलाई को रायपुर के निजी अस्पताल में सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया गया। दोनों बच्चे कटे-फटे होंठ की समस्या से पीड़ित थे। सर्जरी के बाद अब दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। बच्चों के परिजनों ने शासन को इस निःशुल्क इलाज सुविधा के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।

जिले में चिरायु योजना के तहत अब तक कोंडागांव विकासखंड के 51 बच्चों की हृदय संबंधी सर्जरी की जा चुकी है। इसके अलावा टेढ़े-मेढ़े पैरों वाले 23 बच्चों, कटे-फटे होंठ से पीड़ित 22 बच्चों और जलने के कारण त्वचा चिपकने की समस्या से जूझ रहे 19 बच्चों का सफल इलाज किया गया है। केन्द्र एवं राज्य सरकार बच्चों के स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य के प्रति संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। चिरायु योजना के माध्यम से जहां एक ओर बच्चों को बेहतर इलाज मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर उनके परिवारों को आर्थिक बोझ से राहत भी मिल रही है।

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