रायपुर। सुशासन वाली सरकार की पहल से गरीब परिवार के घर एडवांस सिस्टम लगना संभव हो पाया है, हम बात सोलर पैनल की कर रहे है, पहले सोलर पैनल लगाने में गरीब परिवार असमर्थ थे, लेकिन सुशासन की सरकार ने सब्सिडी देकर आसान बना दिया, जिससे कमाई के साथ साथ बिजली बिल में भारी छूट भी मिल रही है, माइनस में बिजली बिल आना, यह कभी किसी ने सोचा है। हर महीने की बिजली खपत के एवज में बिल आना और उसका भुगतान यह तो सालों से चलती आ रही प्रक्रिया है। लेकिन कोई ऐसी व्यवस्था हो जिससे बिजली का बिल माइनस में आए। अर्थात आप जिस बिजली का उपयोग कर रहे हों उसका बिल न आए, बल्कि अगले महीने के बिल से भी कुछ राशि की कटौती एडवांस में हो जाए। पहले यह सोचना मुमकिन नहीं था लेकिन आज पीएम सूर्यघर योजना से यह संभव हो पा रहा है। उपभोक्ताओं के बिजली के बिल अप्रैल-मई जैसे भीषण गर्मी के महीनों में भी माइनस में आ रहे हैं, जबकि इन महीनों में खपत कई गुना बढ़ जाती है। पीएम सूर्य घर योजना के माध्यम से उपभोक्ता अब अपने घर की छतों में छोटा सोलर बिजली घर लगाकर बिजली भी पैदा कर रहे हैं। जितनी बिजली की घर में खपत है उतना उपयोग किया, बाकी बिजली विद्युत विभाग के ग्रिड में ट्रांसफर कर दिया। विभाग उपभोक्ता से ली बिजली का अगले बिजली के बिल में एडजस्ट कर देता है।

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा के माध्यम से किफायती बिजली उपलब्ध कराना है। पीएम सूर्यघर योजना के तहत सोलर सिस्टम लगाने शासन से सब्सिडी मिलती है जो सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा कर दी जाती है। साथ ही, उन्हें सस्ती दरों पर बैंक लोन भी मिलता है। इस योजना से लोगों के बिजली के बिल कम हो रहे हैं और उनकी बचत बढ़ रही है। यह स्थायी ऊर्जा समाधान की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेश में इस योजना को व्यापक स्तर पर लागू किया जा रहा है। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत 30 हजार तक की सब्सिडी राज्य सरकार द्वारा दिए जाने का प्रावधान किया गया है। इस योजना से जुड़कर लाभार्थी अपने घर की छतों पर सोलर सिस्टम लगाकर बिजली उत्पादन कर सकेंगे। उनका यह सिस्टम बिजली विभाग की ग्रिड से जुड़ा होगा। उत्पादित बिजली से खपत के बाद जो बिजली बचेगी वह ग्रिड में ट्रांसफर हो जाएगी। जो बिजली बिल में समायोजित हो जाएगी। इससे उतनी राशि बिजली बिल से घट जाएगी और उपभोक्ता को सीधे आर्थिक बचत के रूप में लाभ मिलेगा। इस योजना से हितग्राही सिर्फ बिजली के उपभोक्ता ही नहीं बल्कि उसके उत्पादक भी हो जाएंगे। योजना का लाभ लेने के लिए अपने नजदीक के बिजली ऑफिस में संपर्क किया जा सकता है।

हितग्राही बाबूलाल ने बताया

रायगढ़ जिला कोड़ातराई निवासी बाबू लाल चौधरी ने अपने घर में पीएम सूर्यघर योजना के तहत 3 किलोवॉट का सोलर सिस्टम लगवाया है। इसमें उन्हें 1.90 लाख का खर्च आया। जिसमें से 78 हजार रुपए शासन से सब्सिडी मिली। उनके अप्रैल और मई महीनों के वर्ष 2024 और 2025 के बिल की तुलना कर के देखें तो उनका बिल जो अप्रैल 2024 में 1120 रुपए था वो सोलर पैनल लगने के बाद इस वर्ष अप्रैल 2025 में -1417 रुपए हो गया। जिसका मतलब हुआ कि इतनी बिजली वो विद्युत विभाग से आगे भविष्य में लेकर उपयोग कर सकते हैं लेकिन इसका उन्हें कोई पैसा नहीं देना पड़ेगा। क्योंकि उनके सोलर पैनल ने उनके घरेलू जरूरत से ज्यादा बिजली पैदा की, जो बिजली विभाग की ग्रिड में ट्रांसफर हो गई। उन्हें 2581 रुपए रिबेट मिला। जिसमें उनका अप्रैल माह का बिल एडजस्ट हो गया और 1417 रुपए एडवांस में बिजली विभाग के पास जमा हो गया। वहीं मई 2025 में उनका बिजली का बिल -1127 रुपए रहा जो इसी अवधि में वर्ष 2024 में 1490 रुपए था। बाबूलाल चौधरी ने कहा कि अप्रैल और मई में जब भीषण गर्मी पड़ती है, कूलर पंखे लगातार चल रहे होते हैं। ऐसे में भी बिजली का बिल माइनस में आना बड़ी राहत है। सीएसपीडीसीएल के अधिकारियों ने बताया कि सोलर सिस्टम वाले विद्युत उपभोक्ता का विद्युत खपत यूनिट और उत्पादित यूनिट का आपस में समायोजन ऑटोमैटिक होता है। जो बिजली उपभोक्ता बिजली विभाग के ग्रिड में ट्रांसफर करते हैं वे उसका उपयोग बाद में अपनी जरूरत के अनुसार मुफ्त में कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा भी हितग्राहियों को 30 हजार तक की सब्सिडी दिए जाने का प्रावधान किया गया है। इसमें 1 किलो व्हाट पर केंद्र से 30 हजार और राज्य से 15 हजार कुल 45 हजार, 2 किलो व्हाट पर केंद्र से 60 हजार और राज्य से 30 हजार कुल 90 हजार, 3 किलो व्हाट पर केंद्र से 78 हजार और राज्य से 30 हजार कुल 1 लाख 08 हजार की सब्सिडी दी जा रही है। 3 किलो व्हाट या उससे अधिक क्षमता पर 1 लाख 08 हजार की सब्सिडी स्थिर रहेगी।

प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना आम जनता के लिए आर्थिक राहत और पर्यावरण संरक्षण का मजबूत साधन बनती जा रही है। यह योजना अब प्रदेश में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा बदलाव लेकर आई है। सक्ति जिले के डभरा निवासी अनिल कुमार साहू स योजना का लाभ उठाकर इसे अपने जीवन में बदलाव की एक मिसाल बना दिया है। साहू अपने घर की छत पर 3 किलोवॉट का सोलर रूफटॉप सिस्टम लगवाया है, जिसकी मदद से वे प्रतिदिन गर्मियों में 16 से 18 यूनिट और बरसात में 10 से 12 यूनिट तक बिजली का उत्पादन कर रहा है। इस संयंत्र के संचालन के पहले ही महीने उनकी बिजली बिल माइनस में चला गया, और अब पूरी तरह शून्य हो गया है। इतना ही नहीं, अतिरिक्त बिजली ग्रिड को सप्लाई कर वे आमदनी भी अर्जित कर रहा है।

इस सोलर सिस्टम पर 78,000 रुपये की सब्सिडी और 10 वर्षों की गारंटी मिली है। साहू के अनुसार, यह संयंत्र 2 से 3 वर्षों में अपनी लागत निकाल लेगा, जिसके बाद लाभ ही लाभ होगा। उन्होंने इस योजना को आर्थिक बचत के साथ-साथ पर्यावरण की रक्षा का साधनष् बताया। साहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना देश और राज्य को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है।

योजना की प्रक्रिया भी बेहद सरल है दृ उपभोक्ता वेबसाइट या मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। इसके बाद अधिकृत वेंडर द्वारा संयंत्र की स्थापना की जाती है और सत्यापन के पश्चात सब्सिडी की राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। यह योजना छत्तीसगढ़ के शहरी और ग्रामीण इलाकों में सौर ऊर्जा को प्रोत्साहित कर रही है, जिससे पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता घट रही है और हर घर ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है।

सूरज की तेज गर्मी से सोलर पैनल को ऊर्जा मिलने से लोगों को आसानी से बिजली मिल रही है जिससे घर रोशन हो रहे हैं।प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है। बलौदाबाजार शहर के प्रतिष्ठा कॉलोनी निवासी प्रसन्न दीवान ने इस योजना के तहत अपने घर की छत पर 5 किलोवाट क्षमता का सोलर सिस्टम स्थापित कर योजना का लाभ उठाया है। उन्होंने बताया कि योजना की जानकारी उन्हें समाचार पत्रों के माध्यम से प्राप्त हुई जिसके बाद उन्होंने बिजली विभाग से संपर्क कर विस्तृत जानकारी ली। श्री दीवान ने बताया कि आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और सरल है। उन्होंने योजना के तहत आवेदन कर 5 किलोवाट का सौर ऊर्जा प्रणाली अपने घर में स्थापित कराया, जिससे उन्हें ₹78,000 की सब्सिडी प्राप्त हुई। यह प्रणाली पिछले 6 महीनों से सुचारू रूप से कार्य कर रही है और इससे उन्हें प्रत्यक्ष रूप से आर्थिक लाभ हो रहा है। पहले जहां उन्हें हर माह भारी भरकम बिजली बिल चुकाना पड़ता था, अब बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से न केवल बिजली बचत हो रही है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। दीवान ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे भी अपने घरों में इस योजना का लाभ लेकर न केवल बिजली की बचत करें, बल्कि अपनी आय में भी वृद्धि करें। इसके लिए दीवान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है और देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर ले जा रही है।

अम्बिकापुर नगर के देवीगंज रोड निवासी शेखर गुप्ता इस योजना के लाभार्थी हैं। उन्होंने अप्रैल 2025 में अपने निवास की छत पर तीन किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप पैनल स्थापित कराया। श्री गुप्ता ने बताया कि यह पैनल प्रतिमाह औसतन 400 यूनिट तक बिजली का उत्पादन कर रहा है, जिससे गत तीन माह से उनके घर का बिजली बिल शून्य आ रहा है।

योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा गुप्ता को 78,000 रुपये की अनुदान राशि सीधे उनके बैंक खाते में प्रदान की गई है। साथ ही, राज्य शासन द्वारा इस योजना के अंतर्गत तीन किलोवाट क्षमता तक के संयंत्र हेतु 30,000 रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी देने का निर्णय लिया गया है। इस समन्वित सहयोग से नागरिकों पर वित्तीय भार में उल्लेखनीय कमी आई है तथा सौर ऊर्जा को अपनाने हेतु प्रोत्साहन मिला है। श्री गुप्ता ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि सौर ऊर्जा के माध्यम से न केवल बिजली की बचत हो रही है, बल्कि यह योजना हर परिवार को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना रही है। आने वाले समय में प्रदेश के प्रत्येक घर की छत पर यह सौर पैनल दिखाई देगा, जिससे महंगे बिजली बिल की चिंता समाप्त हो जाएगी। शासन की इस पहल से प्रदेश में हर वर्ग के नागरिक को सस्ती, सुलभ और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध हो रही है, जिससे पर्यावरणीय संतुलन कायम रखने में भी सहयोग मिल रहा है।

उल्लेखनीय है कि पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के तहत प्रदेश में घरेलू उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित करने हेतु तकनीकी मार्गदर्शन, विभागीय सहायता और वित्तीय अनुदान की व्यवस्था की गई है। इससे न केवल विद्युत खपत में कमी आई है, बल्कि उपभोक्ताओं की आय में अप्रत्यक्ष रूप से वृद्धि भी हो रही है।

जशपुर जिले के कुनकुरी निवासी डॉ. फूलचंद कुजूर इस योजना के सफल लाभार्थी हैं। उन्होंने अपने निवास की छत पर 10 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल स्थापित कर न केवल बिजली की बचत सुनिश्चित की है, बल्कि अपने घर को एक ग्रीन एनर्जी होम के रूप तब्दील कर दिया है। कुल 4.80 लाख रूपए की लागत वाले इस सोलर सिस्टम पर उन्हें 78,000 की अनुदान राशि शासन द्वारा सीधे उनके बैंक खाते में प्रदान की गई।

डॉ. कुजूर, जो पेशे से चिकित्सक हैं, सदैव स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरणीय संतुलन के पक्षधर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें इस योजना की जानकारी विज्ञापन के माध्यम से प्राप्त हुई, जिसके पश्चात् उन्होंने बिजली विभाग से संपर्क कर आवश्यक प्रक्रियाएँ पूर्ण कीं। लगभग सात से आठ माह पूर्व उन्होंने यह सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया, तब से घर की बिजली की जरूरतें पूरा होने लगी है और अतिरिक्त विद्युत ऊर्जा ग्रिड में भी आपूर्ति की जा रही है। परिणामस्वरूप उनका बिजली बिल शून्य से नीचे (माइनस) दर्ज हो रहा है।

डॉ. कुजूर ने बताया कि, यह पहल न केवल मेरे मासिक खर्चों को कम कर रही है, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक छोटा किंतु सशक्त प्रयास है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना हर नागरिक के लिए अत्यंत उपयोगी है और सभी को इसका लाभ अवश्य लेना चाहिए। बिजली विभाग के अवर अभियंता लोकनाथ नेताम ने बताया कि शासन की यह योजना ऊर्जा की आत्मनिर्भरता एवं पर्यावरणीय जागरूकता को बढ़ावा देने की दिशा में एक सशक्त कदम है, जो प्रदेशवासियों को आर्थिक रूप से भी सशक्त कर रही है।

सक्ती जिले के बाराद्वार निवासी यशवंत कुमार राठौर भी इस योजना से लाभान्वित होने वालों में शामिल हैं। उन्होंने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट का सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित किया है। इस सोलर सिस्टम से वे गर्मी के मौसम में प्रतिदिन औसतन 18 यूनिट, जबकि बरसात के मौसम में 10 यूनिट तक बिजली का उत्पादन कर रहे हैं। राठौर का कहना है कि इस योजना से न केवल उनके बिजली बिल में भारी कमी आई है, बल्कि अतिरिक्त यूनिट का लाभ उन्हें आर्थिक रूप से भी मिल रहा है। उन्होंने इसे एक पर्यावरण अनुकूल और आर्थिक रूप से फायदेमंद योजना बताते हुए सभी नागरिकों से अपील की कि वे भी इस पहल का हिस्सा बनें और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा दें।

इस योजना के तहत आम नागरिक पीएम सूर्यघर पोर्टल (pmsuryaghar.gov.in), मोबाइल ऐप अथवा नजदीकी विद्युत कार्यालय से संपर्क कर आसानी से आवेदन कर सकते हैं।राज्य सरकार और केंद्र सरकार की संयुक्त पहल से यह योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है। इससे न केवल आमजन को राहत मिल रही है, बल्कि हर घर सौर ऊर्जा के सपने को भी साकार किया जा रहा है।

Author Profile

Knock India
Exit mobile version