तिरुपति। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भगदड़ में छह श्रद्धालुओं की मौत के एक दिन बाद तिरुपति के एसपी, तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के संयुक्त कार्यकारी अधिकारी और एक अन्य अधिकारी का तबादला कर दिया है। इसके अलावा घटनास्थल पर मौजूद डीएसपी समेत दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। मुख्यमंत्री ने घटना की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं।
भगदड़ के सिलसिले में दो एफआइआर दर्ज
राजस्व अधिकारियों की शिकायत के बाद पुलिस ने भगदड़ के सिलसिले में दो एफआइआर दर्ज की है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि ये प्राथमिकी भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 194 के तहत दर्ज की गई हैं, जो अप्राकृतिक मौतों से संबंधित है। उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने भगदड़ के लिए राज्य सरकार की ओर से लोगों से माफी मांगी है।
बुधवार रात तिरुपति में एमजीएम स्कूल के पास बैरागी पट्टेदा में मची भगदड़ में छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी और 40 अन्य घायल हो गए थे। सैकड़ों लोग तिरुमला पहाड़ियों पर भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में वैकुंठ द्वार दर्शनम के लिए टिकट पाने की खातिर धक्का-मुक्की करने लगे, जिसके चलते भगदड़ मची।
10 जनवरी से शुरू हो रहे 10 दिवसीय वैकुंठ द्वार दर्शनम के लिए देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु तिरुपति आए हुए हैं। चंद्रबाबू नायडू ने गुरुवार को भगदड़ में घायल हुए श्रद्धालुओं से एक अस्पताल में मुलाकात की।
सरकार देगी 25-25 लाख रुपये मुआवजा
मुख्यमंत्री ने श्री वेंकटेश्वर इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज में घायल श्रद्धालुओं के साथ 90 मिनट बिताए। उन्होंने एक के बाद एक मरीजों से मुलाकात की और उनकी शिकायतें सुनीं। इससे पहले नायडू ने दुर्घटनास्थल का दौरा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि तिरुपति में मची भगदड़ से उन्हें बहुत दुख हुआ है। उन्होंने घटना में मारे गए लोगों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की। इसके साथ ही घायलों को दो-दो लाख रुपये दिए जाएंगे।
मृतकों के परिवारों को 50-50 हजार रुपये
एएनआइ के अनुसार, भारतीय चैतन्य युवजन पार्टी के प्रमुख बोडे रामचंद्र यादव ने मृतकों के परिवारों को 50-50 हजार रुपये और घायलों को पांच-पांच हजार रुपये दिए। उन्होंने कहा कि कल हुई दुर्घटना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार और टीटीडी प्रबंधन की गैरजिम्मेदारी के कारण यह दुर्घटना हुई।
एक महिला ने कहा-पांच मिनट तक तो हमें लगा कि हम सब मर गए हैं
तिरुपति में हुई भयानक भगदड़ को याद करते हुए प्रत्यक्षदर्शी वेंकट लक्ष्मी ने कहा कि पांच मिनट तक तो हमें लगा कि हम सब मर गए हैं। मैं पिछले 25 वर्षों से मंदिर आ रही हूं और ऐसा कभी नहीं हुआ था। उन्होंने एक स्थानीय चैनल को बताया कि भगदड़ के बाद छह लड़कों ने उन्हें एक तरफ खींच लिया और पानी पिलाया।
एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने घटना के बारे में विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि पुलिस द्वारा टिकट वितरण के लिए द्वार खोले जाने के बाद तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ के कारण भगदड़ मच गई। उन्होंने बताया कि उनके परिवार के छह सदस्य भगदड़ में घायल हो गए हैं। उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में पुरुष तीर्थयात्री टिकट के लिए दौड़ पड़े, जिससे कई महिलाओं को चोटें आईं।
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