Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    • Home
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Knock India
    • Home
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • छत्तीसगढ़
      • छत्तीसगढ़ जनसंपर्क
    • राजनीती
    • धर्म
    • अन्य खबरें
      • मनोरंजन
      • खेल
      • तकनीकी
      • व्यापार
      • करियर
      • लाइफ स्टाइल
    Knock India
    Home » Blog » शराब न बिकने पर कर्मचारियों की सैलरी में कटौती, 80 लाख रुपए वसूलने का आदेश
    छत्तीसगढ़

    शराब न बिकने पर कर्मचारियों की सैलरी में कटौती, 80 लाख रुपए वसूलने का आदेश

    HasinaBy HasinaJanuary 2, 2026No Comments2 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email Telegram Copy Link
    शराब न बिकने पर कर्मचारियों की सैलरी में कटौती, 80 लाख रुपए वसूलने का आदेश
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp Pinterest Email

    रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीएसएमसीएल) ने रायपुर और दुर्ग की शराब दुकानों में “राइफल” और “पिस्टल” ब्रांड की शराब सप्लाई की थी, जो पिछले एक साल से बिक नहीं रही। अब बिक्री न होने पर कंपनी ने प्लेसमेंट एजेंसी को जिम्मेदार ठहराया और बीआईएस के माध्यम से 80 लाख रुपए की वसूली का आदेश जारी किया।

    प्लेसमेंट कंपनी ने कर्मचारियों पर फाइन तय कर दी है। सुपरवाइजर पर 10 हजार, सेल्समैन पर 7 हजार और मल्टी-टास्क स्टाफ पर 5 हजार रुपए की कटौती की जाएगी। इससे कर्मचारियों की सैलरी से करीब 64.4 लाख रुपए कटेंगे। कर्मचारियों में हड़कंप मच गया और वे बुधवार को काम करने से इनकार कर दिए थे, लेकिन बाद में समझौते के बाद लौटे।

    कंपनी का आरोप है कि पुराने स्टॉक समय पर नहीं बिक पाया और पिस्टल-राइफल जैसे उत्पादों की बिक्री पर कोई लिमिट न होने से सिस्टम में असंतुलन हुआ। करीब 1.40 करोड़ रुपए का स्टॉक फंस गया।

    कर्मचारी कहते हैं कि वेतन इतना कम है कि इतनी राशि काटना मुश्किल है। अधिकांश ने लोन लिए हुए हैं, बच्चों की फीस और घर खर्च के लिए भी पैसे चाहिए। जुर्माना एक साथ लगाने से नाराजगी बढ़ी है।

    सीएसएमसीएल के तहत करीब 250 अलग-अलग ब्रांड की शराब बिकती है, जिनमें कुछ बिल्कुल ग्राहकों को पसंद नहीं हैं। विभाग का तर्क है कि राजस्व का नुकसान न हो और नियम के अनुसार, नुकसान की भरपाई जरूरी है। इस आधार पर कंपनी 75 प्रतिशत और कर्मचारी 25 प्रतिशत रकम देंगे।

    आबकारी विभाग के प्रभारी उपायुक्त राजेश शर्मा और बीआईएस के डीजीएम हर्ष लाल द्विवेदी ने कहा कि उद्देश्य दंड देना नहीं, बल्कि सिस्टम को पटरी पर लाना है ताकि भविष्य में डेमरेज और नुकसान न हो। कर्मचारियों की जिम्मेदारी है कि वे ब्रांड ग्राहकों के सामने रखें और बेचें।

    Employees' salaries cut for non-sale of liquor order to recover Rs 80 lakh
    Hasina

    Related Posts

    युवाओं के आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास की दिशा में एक मील का पत्थर- मंत्री टंक राम वर्मा….

    September 18, 2026

    ग्रामीण नल-जल योजनाओं के संचालन के लिए जल जीवन मिशन नियमावली पर मंथन, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न…..

    September 18, 2026

    विकास की नई रफ्तार से बदल रहा छत्तीसगढ़, अधोसंरचना को मिल रही मजबूती: उप मुख्यमंत्री अरुण साव….

    September 18, 2026

    रायगढ़ पहुंचने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का हुआ भव्य स्वागत…..

    September 18, 2026

    छत्तीसगढ़ इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत प्रदेश की दीर्घकालिक अधोसंरचना विकास की बनेगी समग्र कार्ययोजना…

    September 18, 2026

    कौशल, रोजगार, स्टार्टअप और आधुनिक शिक्षा पर सरकार का जोर, 18 हजार से अधिक युवाओं को मिला प्रशिक्षण….

    September 18, 2026
    RO.No :-13998/146
    हमसे सम्पर्क करें
    संपादक - KHURSHID ALAM
    मोबाइल - 07828272058
    ईमेल - [email protected]
    कार्यालय - Near Ratan Bhawan Phool Chowk Nayapara,CSEB Road Raipur (C.G.)
    September 2026
    M T W T F S S
     123456
    78910111213
    14151617181920
    21222324252627
    282930  
    « Aug    
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • Home
    • Contact Us
    • MP Info RSS Feed
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.